Sociology Sample Paper Class 11 in Hindi Medium

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इस पोस्ट में आप देखोगे Sociology Sample Paper Class 11 in Hindi Medium

यानी कि कक्षा 11 के समाजशास्त्र (Samajshastra) का सैंपल पेपर और उसका pdf, जो 2021 से 2022 के टर्म 2 का है, वो भी hindi medium के विद्यार्थियों के लिए। आपको इसके पीडीएफ को देखने या download के लिए नीचे दिए लाल बटन जिस पर Sociology लिखा है उस पर क्लिक करना होगा।

The Details of the Sociology Sample paper

इस पोस्ट में दिए समाजशास्त्र के सैंपल पेपर की डिटेल्स निम्नलिखित हैं।

Class11th11वी
SubjectSociologyसमाजशास्त्र
MediumHindiहिन्दी
Term22
SolvedYesहां
Year2021-20222021-22
BoardCBSEसीबीएसई
FormatPDFपीडीएफ

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11th class hindi question paper 2021 pdf

Sociology Sample Paper

यहां आप देखोगे समाजशास्त्र का सैंपल पेपर कक्षा 11 के 2021-22 का और साथ में आप इसका PDF भी download कर सकते हैं।

निर्धारित समय: 2 घण्टे
अधिकतम अंक: 40

सामान्य निर्देश:

  • प्रश्न पत्र में 3 प्रश्न हैं।
  • सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  • खंड-ए में प्रश्न संख्या 1 से 2 तक एक अंक के स्रोत आधारित प्रश्न हैं। इनका उत्तर प्रति प्रश्न 10-15 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • खंड-बी में प्रश्न संख्या 3 से 9 तक दो अंक के प्रश्न हैं। इन प्रश्नों का उत्तर 30 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • खंड-सी में प्रश्न संख्या 10 से 12 तक चार अंक के प्रश्न हैं। इन प्रश्नों का उत्तर 80 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • खंड-डी में प्रश्न संख्या 13 से 14 तक छ: अंक के प्रश्न हैं। इन प्रश्नों का उत्तर 200 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।

Section-A / खंड-ए

इसे भी ‘वर्ग’ कहा जाता है, क्या आप तथा आपके सहपाठियों द्वारा बनाये गए समूह मार्क्सवादी अर्थ में ‘वर्ग’ कहलायेंगे? आप इसके पक्ष और विपक्ष में कया तर्क रखेंगे? क्‍या कारखानों तथा कृषि कार्य करने वाले मजदूर एक ही वर्ग से संबंध रखते हैं, एक ही कारखाने में काम करने वाले मजदूर तथा मैनेजर क्‍या ये एक ही वर्ग से सम्बंधित हैं?

(स्रोत-एनसीईआरटी)

प्रश्न 1: मार्क्स के अनुसार संसार में कौन-कौन से दो वर्ग होते हैं?

उत्तर : (i) पूँजीपति वर्ग (ii) सर्वहारा या मजदूर वर्ग।

यह एकता तब भी दिखती है जब गांव वाले अपनी तुलना दूसरों से करते हैं। रामपुरा के लोग खुद को बिहल्ली के लोगों से ज्यादा सुसंस्कृत समझते हैं। वे यह तो स्वीकार करते हैं कि केरे के लोग हमसे ज्यादा पढ़े लिखे हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहते हैं कि वे लड़ाकू हैं और रचनात्मक कामों में एक दूसरे से सहयोग नहीं करते।

(स्रोत-‘भारत के गांव’- एम एन श्रीनिवास)

प्रश्न 2: श्रीनिवास के अध्ययन का केंद्र कौन सा गांव था?

उत्तर : रामपुरा

Section-B / खंड-बी

नौकरशाही संगठन का वह साधन था जो घरेलू दुनिया को सार्वजनिक दुनिया से अलग करने पर आधारित था। इसका अर्थ यह हुआ कि सार्वजनिक क्षेत्र में व्यवहार स्पष्ट नियमों से संचालित होते थे।

प्रश्न 3: उपर्युक्त अनुच्छेद के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखें।

अ. नौकरशाही की अवधारणा किसने दी?
ब. नौकरशाही की कोई दो बुनियादी विशेषताएं लिखिए।

उत्तर :

(अ) मैक्स वेबर
(ब) नौकरशाही की दो विशेषताएं:-

  • नौकरशाही में कर्मचारियों तथा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र।
  • नौकरशाही में कर्मचारियों तथा अधिकारियों की उनकी सत्ता का हस्तांतरण।

नगरों में मनुष्य कहाँ और कैसे रहेंगे – यह प्रश्न सामाजिक सांस्कृतिक पहचान पर आधारित है। पूरे विश्व में नगरीय आवासीय क्षेत्र प्राय समूह तथा अधिकतर प्रजाति, नृजातीयता धर्म तथा अन्य कारकों द्वारा विभाजित होते हैं।

प्रश्न 4: उपर्युक्त अनुच्छेद के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखें।

अ. भारत में महानगर किसे कहा जाता है?
ब. नगर और गांव में एक अंतर लिखो।

उत्तर :
(अ) भारत में दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों को महानगर कहा जाता है।
(ब) गाँव में जनसंख्या घनत्व कम शहर में अधिक। या गाँव में सामाजिक संबंध सरल और शहर में जटिल होते हैं।

प्रश्न 5: ‘सामाजिक परिवर्तन’ का अर्थ बताइए।

उत्तर : सामाजिक परिवर्तन वे परिवर्तन है जो समाज की विभिन्‍न इकाइयों में भिन्‍नता लाते हैं और इस प्रकार समाज द्वारा मानव संस्थाओं के प्रति मानव संबंधों, प्रक्रियाओं, व्यवस्थाओं आदि का स्वरूप पहले जैसा नहीं रह जाता है।

अथवा

प्रश्न : ‘सामाजिक व्यवस्था से आप क्‍या समझते हैं?

उत्तर : सामाजिक व्यवस्था सामाजिक संरचना के कार्यात्मक द्रष्टिकोण को इंगित करती है। यदि सामाजिक संरचना के सभी अंग ठीक से कार्य करेंगे तभी सामाजिक व्यवस्था दुरुस्त रहेगी।

प्रश्न 6: ‘जीवंत-परम्परा’ से क्‍या तात्पर्य है?

उत्तर : जीवंत-परंपरा डी पी मुखर्जी के अनुसार यह एक परंपरा है जो भूतकाल से कुछ ग्रहण कर उससे अपने संबंध बनाए रखती है और साथ ही नई चीजों को भी ग्रहण करती है अतः एक जीवंत परंपरा पुराने तथा नए तत्वों का मिश्रण है।

प्रश्न 7: ‘कल्याणकारी राज्य’ की अवधारणा एक मिथ्या है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं?

उत्तर : हाँ। क्योंकि कल्याणकारी कहलाये जाने वाले राष्ट्र भी कल्याणकारी राज्य की परिभाषा के मापदंड पर खरे नहीं उतरते हैं।

प्रश्न 8: जी.एस.घुर्ये द्वारा वर्णित जाति व्यवस्था की चार विशेषताएं लिखिए।

उत्तर : घुर्ये ने जाति की 6 विशेषताओं का उल्लेख किया है।

  1. समाज का खंडात्मक विभाजन
  2. संस्तरण
  3. खानपान और सामाजिक व्यवहार पर प्रतिबंध
  4. विभिन्‍न जातियों की नागरिक और धार्मिक निर्योग्यतायें तथा विशेषाधिकार
  5. व्यवसाय के स्वतंत्र चुनाव का अभाव
  6. विवाह पर प्रतिबंध।

अथवा

प्रश्न : ‘मुक्त व्यापार’ से आप क्‍या समझते हैं?

उत्तर : “मुक्त व्यापार” यह एक फ्रांसीसी शब्द है जिसका अर्थ है ‘अकेला छोड़ो’ जो राजनीतिक तथा आर्थिक सिद्धांत के लिए प्रयुक्त होता है जहां अर्थव्यवस्था अथवा आर्थिक संबंधों में राज्य कम से कम हस्तक्षेप करता है।

प्रश्न 9: अंतर्विवाह को समझाइये।

उत्तर : अंतर्विवाह विवाह एक ऐसा नियम है जिसके अनुसार व्यक्ति को अपने समूह अर्थात जाति, धर्म, जनजाति, प्रजाति आदि में विवाह करने के लिए बाध्य होना पड़ता है अंतर्विवाह कहलाता है।

Section-C / खंड-सी

प्रश्न 10. एम.एन.श्रीनिवास के जीवन और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से लिखें।

उत्तर :
एम. एन. श्रीनिवास एक भारतीय समाजशास्त्री और सामाजिक मानवविज्ञानी थे। उनका पूरा नाम मैसूर नरसिंहाचार श्रीनिवास था। उनका जन्म 16 नवंबर 1916 को मैसूर के आयंगार ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मैसूर विश्वविद्यालय में ली थी, बाद में वह स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए मुम्बई चले गए थे। भारत में समाजशास्त्र और सामाजिक नृविज्ञान के विषयों और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान अद्वितीय था। उनकी कुछ प्रमुख किताबें हैं “मैरिज एंड फैमिली इन मैसूर”, “रिलिजन एंड सोसाइटी अमंग द कूरगस ऑफ़ साउथ इंडिया” और “द रेमेम्बेरेड विलेज” आदि।

प्रश्न 11: यांत्रिक एकता और सावयवी एकता में क्‍या अंतर है?

उत्तर :
यांत्रिक एकता:-

  • व्यक्तिगत एकरूपता
  • कम जनसँख्या
  • दमनकारी कानून
  • सरल समाज

सव्यवी एकता:-

  • अव्यक्तिक संबंध
  • अधिक जनसँख्या
  • क्षतिपूरक कानून
  • सदस्यों की विषमता

अथवा

प्रश्न : वे कौन से परिवर्तन हैं जो तकनीक तथा अर्थव्यस्था द्वारा लाए गए हैं?

उत्तर :

  • वाष्प शक्ति की खोज ने उद्योगों को बढ़ावा दिया।
  • वाष्प चालित रेल और जहाजों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की गति को बदल कर रख दिया।
  • बारूद द्वारा युदूध की तकनीक में परिवर्तन तथा कागज की छपाई ने समाज को हमेशा के लिए बदल दिया।
  • ब्रिटेन के कपड़ा उद्योग में होने वाले तकनीकी परिवर्तन ने समाज को बदल दिया.

प्रश्न 12. औद्योगिक क्रांति किस प्रकार समाजशास्त्र के जन्म के लिए उत्तरदायी थी?

उत्तर : औद्योगिक क्रांति के कारण बहुत से आविष्कार हुए। उत्पादन घरों से निकाल कर उद्योगों में चल्ला गया। लोग ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर उद्योगों में कार्य करने के लिए शहरों की तरफ चले गए. अमीर लोग बड़े बड़े मकानों में रहने लगे और मजदूरों ने गन्दी बस्तियों में रहना शुरू कर दिया। आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था के कारण राजतन्त्र को लोक सम्बन्धी विषयों और कल्याणकारी कार्यों की जवाबदेही के लिए बाध्य किया गया। ज्ञान की उभरती मांग ने सामाजिक विज्ञान विशेषतया समाजशास्त्र जैसे नए विषयों का जन्म तथा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Section-D / खंड-डी

प्रश्न 13: सत्ता के कार्यो का विस्तार से वर्णन करिये।

उत्तर :

  • अधिकारियों के प्रकार्य
  • पदों का सोपानिक क्रम
  • लिखित दस्तावेज की विश्वसनीयता
  • कार्यात्रय का प्रबंधन

प्रश्न 14: “अलगाव” का सिद्धांत क्‍या है? इसे किसने प्रस्तुत किया? इस सिद्धांत के मुख्य कारणों का वर्णन कीजिये।

उत्तर : मार्क्सवादी अर्थ में अलगाव एक ऐसी क्रिया है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति, एक समूह, एक संस्था निम्न के प्रति अलगाव दर्शाता है:-

  • अपने कार्यों के परिणाम या उत्पादों के प्रति।
  • वातावरण के प्रति।
  • सहकर्मियों के प्रति।
  • स्वयं के प्रति।
  • इस सिद्धांत को कार्ल मार्क्स ने प्रस्तुत किया।
  • मुख्य कारण- औद्योगिक और पूंजीवादी समाज। अधिकतम मुनाफे का लालच।
  • जटिल उत्पादन प्रक्रिया और उत्पादन संबंध।

Download the Sociology Sample Paper

आपको इसके पीडीएफ को देखने के लिए या डाउनलोड के लिए नीचे दिए लाल बटन जिस पर Sociology लिखा है उस पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद आपको 15 सेकण्ड्स तक इंतेज़ार करना होगा और जैसे ही टाइमर पूरा होगा तभी आपके सामने हरे रंग का बटन प्रकट होगा जिस पर Now you can download लिखा होगा, जिसे दबाते ही आपके सामने google drive का एक पेज खुल जाएगा जहां आपको वह पीडीएफ मिल जाएगी।

मुमकिन हैं कि आपको गूगल ड्राइव में जाने के लिए कोई ई-मेल एकाउंट से लोग इन करना पड़े लेकिन अगर आप अपने ई-मेल एकाउंट से लोग इन नहीं करना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को इंकॉग्निटो टैब में खोल सकते हैं तब आपको किसी भी ई-मेल एकाउंट से लोग इन नहीं करना पड़ेगा।

Sociology

Thank you 😍

बहुत बहुत शुक्रिया मेरे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए 🙏 और आपसे एक बिनती है कि आप मेरे इस पोस्ट हो सके तो share करें और comment box में अपनी राय लिखे इस पोस्ट के बारे में। जिससे कि इस पोस्ट की reach बढ़े।
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