आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक किसने और क्यों कहा था?

Yeh sawal ki आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक किसने और क्यों कहा था? Class 12 ke bhautiki ke ch 1. ELECTRIC CHARGES AND FIELDS (वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र) ke section 1.2 ELECTRIC CHARGE (वैद्युत आवेश) se liya gaya hai.

Iss post me aap upar☝️diye question aveshon ko dhanatmak aur rinatmak kisne aur kyon kaha tha? ka answer toh dekhoge👁️👁️. saath me aap small question answer aur word-meaning bhi dekhoge👀 jisse ki aap iss sawaal ko aur asani se yaad kar sako aur samajh sako🤔.

Ok toh yeh raha आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक किसने और क्यों कहा था? ka answer👇

उत्तर: आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक अमेरिकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रेंकलिन ने कहा था। क्योंकि वस्तुओं द्वारा अर्जित विजातीय आवेश एक-दूसरे के प्रभाव को निष्फल कर देते हैं। बिल्कुल वैसे ही जब किसी धनात्मक संख्या को ऋणात्मक संख्या से एक-बराबर परिमाण में जोड़ा जाता है तो योगफल शून्य हो जाता है। मुमकिन है कि आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक नाम देने के पीछे यही तर्क रहा होगा। क्योंकि धनात्मक आवेश को भी जब उसी परिमाण की ऋणात्मक आवेश से जोड़ा जाता है तो आवेश लुप्त हो जाता है।

बेंजामिन फ्रेंकलिन आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक किसने और क्यों कहा था?
बेंजामिन फ्रेंकलिन

प्रश्नोत्तर

Yahan diye question answer ka yeh maqsad hai ki upar diye sawal aveshon ko dhanatmak aur rinatmak kisne aur kyon kaha tha? ke uttar ko aap chhote-chhote prashn uttar ke sahare yaad kar sako.

प्रश्न 1: आवेशों को पहली बार धनात्मक और ऋणात्मक किसने कहा था?

उत्तर: बेंजामिन फ्रेंकलिन👨‍🔬ने।

प्रश्न 2: बेंजामिन फ्रेंकलिन इस पाठ के अनुसार क्या थे और कहाँ से थे?

उत्तर: वह एक वैज्ञानिक🔬थे और वह अमरीका🇺🇸 से थे।

प्रश्न 3: धनात्मक आवेश को जब उसी परिमाण की ऋणात्मक आवेश से जोड़ा जाता है तो क्या होता है?

उत्तर: आवेश लुप्त🦕 हो जाता है।

प्रश्न 4: वस्तुओं द्वारा अर्जित किस तरह के आवेश एक-दूसरे के प्रभाव को निष्फल कर देते हैं?

उत्तर: 🧲विजातीय⚡आवेश।

प्रश्न 5: आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक नाम देने के पीछे क्या तर्क रहा होगा?

उत्तर: जब किसी ➕धनात्मक संख्या को उसी परिमाण⚖️ की ➖ऋणात्मक संख्या से ➕जोड़ा जाता है तो योगफल ⭕शून्य हो जाता है। हो सकता है कि आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक नाम देने के पीछे यही तर्क रहा होगा। क्योंकि ➕धनात्मक⚡आवेश को भी जब उसी परिमाण⚖️ की ➖ऋणात्मक ⚡आवेश से ➕जोड़ा जाता है तो आवेश💀 लुप्त हो जाते हैं।

शब्दार्थ

शब्द 1: बेंजामिन फ्रैंकलिन के बारे में बताइए?

अर्थ:
नाम👨‍🔬: बेंजामिन फ्रैंकलिन (Benjamin Franklin)
जन्म🍼: 17 जनवरी 1706
मृत्यु⚰️: 17 अप्रैल 1790
मूल-निवासी🏠: अमरीका
पेशा: लेखक✍️, आविष्कारक🔬, पुस्तक संपादक📓, राजनयिक🗳️, संगीतकार🎶, पत्रकार🗞️, पुस्तकालय अध्यक्ष📚 आदि

Benjamin Franklin aveshon ko dhanatmak aur rinatmak kisne aur kyon kaha tha
Benjamin Franklin

शब्द 2: अर्जित का क्या अर्थ है?

अर्थ: अर्जित का अर्थ है प्राप्त करना या किसी चीज़ को अपने अंदर समा लेना।

शब्द 3: निष्फल का क्या मतलब है?

अर्थ: इसका मतलब है खत्म😵 कर देना या नष्ट🏚️ कर देना।

शब्द 4: परिमाण क्या होता है?

अर्थ: परिमाण⚖️ का आसान शब्दों में मतलब है मात्रा या अनुपात।

शब्द 5: लुप्त का क्या अर्थ है?

अर्थ: लुप्त का अर्थ है खत्म🪦 हो जाना या किसी चीज़ का नाम-ओ-निशान मिट⚱️जाना।

Iss post me ek term use hua tha विजातीय आवेश⚡ jise agar aap acche se samajhna🤔 chahte hain ya aap ➕धनावेश aur ➖ऋणावेश ko janna chahte hain, toh aap niche👇 diye link par click kar sakte hain:
🎉✨vijatiya avesh kya hai✨🎊

Iske alawa agar aapko koi doubt🙄 hai ya koi confusion😧 ki आवेशों को धनात्मक और ऋणात्मक किसने और क्यों कहा था? toh aap mujhe comment📝 kar sakte hain aur main jald se jald aapke comment ka reply📬 dene ki koshish karunga.

Ok toh fir milenge next post mein tab tak ke liye b-bye🤗

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